प्रशासनिक तंत्र का गुंडों, बदमाशों से खौफ खत्म…

जनता भगवान भरोसे है क्योंकि शिव-राज में अब पुलिस भी सुरक्षित नहीं , छिंदवाड़ा में पुलिसकर्मी की हत्या तंत्र का गुंडों, बदमाशों से खौफ खत्म होने का उदाहरण
नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने मृतक नागले को शहीद का दर्जा दे ,  1 करोड़ और परिजन को नौकरी देने की मांग की

नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने छिंदवाड़ा जिले के उमरेठ थाने में पदस्थ एसआई श्री देवचंद्र नागले की बदमाशों द्वारा किए गए हमले में मृत्यु होने पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया है। गुंडों, बदमाशों और माफियाओं तथा घोटालेबाजों पर शिवराज सरकार का खौफ समाप्त हो गया है। इसका कारण भाजपा सरकार का इन लोगों को संरक्षण देना है और यही नहीं भाजपा के लोगों ने भी पुलिस पर हमला किया।
नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने कहा कि छिंदवाड़ा में निगरानी शुदा बदमाश को पकड़ने और अपनी ड्यूटी के प्रति निष्ठा की सजा मिली है, देवचंद्र नागले को। श्री सिंह ने कहा कि घटना शिवराज सरकार की कानून व्यवस्था पर बदमाशों का करारा तमाचा है। श्री सिंह ने कहा कि पिछले 15 साल में भाजपा सरकार आम लोगों विशेषकर, किसान, महिलाओं, दलित, आदिवासियों को सुरक्षा देने में नाकाम रही है वहीं अब पुलिस तंत्र जिन पर सुरक्षा का महत्वपूर्ण दायित्व है वे भी सुरक्षित नहीं रहे तो आम जनता की सुरक्षा अब भगवान भरोसे ही है।
नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में पुलिसकर्मी नागले पर हमले की यह पहली घटना नहीं हैं। इसके पहले मुरैना जिले के एक आईपीएस अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार को रेत माफियाओं ने ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला था। इसके अलावा और भी कई मामले है रायसेन के भारकच्छ में पुलिसकर्मी इंद्रपाल सिंह सेंगर की हत्या, दिवाली के दिन छतरपुर जिले में बदमाशों ने पुलिस आरक्षक बालमुकुंद की गोली मारकर हत्या कर दी, झाबुआ जिले में आरोपी को पकड़ने गए पुलिसकर्मियों पर हमला कर हेड कांस्टेबल का हाथ काट दिया था, गुना में बदमाशों ने हवलदार शिवनंदन भदौरिया को गोली मार दी थी, अलीराजपुर जिले में हेड कांस्टेबल अरविंद सेन की बदमाशों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी, अलीराजपुर जिले में ही पुलिस आरक्षक मोती सिंह पर जानलेवा हमला भी किया था। पुलिस वालों पर बदमाशों के साथ खुद भाजपा से जुड़े लोगों ने भी हमला किया। गुना में भाजपा ब्लाक अध्यक्ष की रिश्तेदार को पुलिस ने बिना हेलमेट स्कूटी चलाने पर रोका तो भाजपा नेता ने एवं समर्थकों ने कॉन्सटेबल को धक्का देकर गिरा दिया और मारपीट की, देवास जिले के बागली विधानसभा के विधायक ने पुलिस के एक कांस्टेबल को तमाचा जड़ दिया और जान से मारने की धमकी दी तथा टीकमगढ़ के भाजयुमो नेता ने महिला पुलिस अधिकारी की वर्दी फाड़ दी और सरेराह बेइज्जत किया।
श्री सिंह ने कहा कि यह हालात इसलिए बने क्योंकि भाजपा सरकार में पिछले 15 साल में गुंडों, बदमाशों, माफियाओं और घोटालेबाजों को संरक्षण मिला है। तंत्र का खौफ इन लोगों में खत्म हो गया है यही कारण है कि इस तरह की घटनाओं को अपराधी बिना खौफ अंजाम दे रहे हैं।
श्री सिंह ने नागले को शहीद का दर्जा देने की मांग करते हुए 1 करोड़ रूपये देने और परिवार के एक सदस्य को तत्काल नौकरी देने की मांग की है।सुरक्षित नहीं
छिंदवाड़ा में पुलिसकर्मी की हत्या तंत्र का गुंडों, बदमाशों से खौफ खत्म होने का उदाहरण
नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने मृतक नागले को शहीद का दर्जा दे,
1 करोड़ और परिजन को नौकरी देने की मांग की

भोपाल, 25 जुलाई 2018, नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने छिंदवाड़ा जिले के उमरेठ थाने में पदस्थ एसआई श्री देवचंद्र नागले की बदमाशों द्वारा किए गए हमले में मृत्यु होने पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया है। गुंडों, बदमाशों और माफियाओं तथा घोटालेबाजों पर शिवराज सरकार का खौफ समाप्त हो गया है। इसका कारण भाजपा सरकार का इन लोगों को संरक्षण देना है और यही नहीं भाजपा के लोगों ने भी पुलिस पर हमला किया।
नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने कहा कि छिंदवाड़ा में निगरानी शुदा बदमाश को पकड़ने और अपनी ड्यूटी के प्रति निष्ठा की सजा मिली है, देवचंद्र नागले को। श्री सिंह ने कहा कि घटना शिवराज सरकार की कानून व्यवस्था पर बदमाशों का करारा तमाचा है। श्री सिंह ने कहा कि पिछले 15 साल में भाजपा सरकार आम लोगों विशेषकर, किसान, महिलाओं, दलित, आदिवासियों को सुरक्षा देने में नाकाम रही है वहीं अब पुलिस तंत्र जिन पर सुरक्षा का महत्वपूर्ण दायित्व है वे भी सुरक्षित नहीं रहे तो आम जनता की सुरक्षा अब भगवान भरोसे ही है।
नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में पुलिसकर्मी नागले पर हमले की यह पहली घटना नहीं हैं। इसके पहले मुरैना जिले के एक आईपीएस अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार को रेत माफियाओं ने ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला था। इसके अलावा और भी कई मामले है रायसेन के भारकच्छ में पुलिसकर्मी इंद्रपाल सिंह सेंगर की हत्या, दिवाली के दिन छतरपुर जिले में बदमाशों ने पुलिस आरक्षक बालमुकुंद की गोली मारकर हत्या कर दी, झाबुआ जिले में आरोपी को पकड़ने गए पुलिसकर्मियों पर हमला कर हेड कांस्टेबल का हाथ काट दिया था, गुना में बदमाशों ने हवलदार शिवनंदन भदौरिया को गोली मार दी थी, अलीराजपुर जिले में हेड कांस्टेबल अरविंद सेन की बदमाशों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी, अलीराजपुर जिले में ही पुलिस आरक्षक मोती सिंह पर जानलेवा हमला भी किया था। पुलिस वालों पर बदमाशों के साथ खुद भाजपा से जुड़े लोगों ने भी हमला किया। गुना में भाजपा ब्लाक अध्यक्ष की रिश्तेदार को पुलिस ने बिना हेलमेट स्कूटी चलाने पर रोका तो भाजपा नेता ने एवं समर्थकों ने कॉन्सटेबल को धक्का देकर गिरा दिया और मारपीट की, देवास जिले के बागली विधानसभा के विधायक ने पुलिस के एक कांस्टेबल को तमाचा जड़ दिया और जान से मारने की धमकी दी तथा टीकमगढ़ के भाजयुमो नेता ने महिला पुलिस अधिकारी की वर्दी फाड़ दी और सरेराह बेइज्जत किया।
श्री सिंह ने कहा कि यह हालात इसलिए बने क्योंकि भाजपा सरकार में पिछले 15 साल में गुंडों, बदमाशों, माफियाओं और घोटालेबाजों को संरक्षण मिला है। तंत्र का खौफ इन लोगों में खत्म हो गया है यही कारण है कि इस तरह की घटनाओं को अपराधी बिना खौफ अंजाम दे रहे हैं।
श्री सिंह ने नागले को शहीद का दर्जा देने की मांग करते हुए 1 करोड़ रूपये देने और परिवार के एक सदस्य को तत्काल नौकरी देने की मांग की है।

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