आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है जैकलीन को….

मुंबई। फिल्म बागी 2 में जैकलीन फर्नांडिस का आयटम नंबर रिलीज हो चुका है। फिल्म तेज़ाब का सुपरहिट सॉन्ग मोहिनी…एक दो तीन माधुरी दीक्षित के आइकॉनिक नंबर में से एक रहा है। ऐसे में जब से यह घोषणा हुई थी कि बागी 2 में एक दो तीन फिर से रिविजिट किया जा रहा है, तब से जैकलीन को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था। उस वक्त जैकलीन ने साफ-साफ कहा था कि वह माधुरी को कॉपी करने या उनसे आगे बढ़ने की कोशिश नहीं कर रही हैं।

लेकिन अब जबकि यह गाना लोगों के सामने आ चुका है, कई लोगों ने इस गाने को लेकर सकारात्मक प्रक्रिया नहीं दी है। हालांकि गाने को यू ट्यूब पर अच्छे व्यूज मिल रहे हैं। लेकिन कई लोगों ने इसे लेकर नकारात्मक कमेंट ही किया है। इस बारे में जब हमने अहमद खान से बातचीत की, जो कि इस फिल्म के निर्देशक हैं, उन्होंने कहा कि यह सबकी अपनी सोच है और हर किसी को अपना मत रखने का हक भी है। लेकिन उन्हें अच्छे व्यूज और लाइकस मिले हैं अबतक। अहमद ने कहा कि यह उनका ही निर्णय था कि वह माधुरी के इस गाने को फिर से दर्शकों के सामने दिखाना चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा वह पूरी तरह से इस बात की जिम्मेदारी लेते हैं, क्योंकि वही चाहते थे कि वह इस गाने को फिल्म में रखें। वह किसी नए डांस नंबर को फिल्माने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने बताया कि जैकलीन को वह अच्छा डांसर मानते हैं। इससे पहले चिठियां कलाईयां और जुम्मे की रात जैसे डांस नंबर के साथ उनके ट्रैक अच्छे रहे हैं। इसलिए उन्हें लगा कि वह इस फिल्म के गाने के लिए भी परफेक्ट रहेंगी।उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने जैकलीन को इस गाने के लिए दो ही बात की ब्रीफ दी थी, जिसमें उन्होंने उन्हें कहा था कि उन्हें माधुरी दीक्षित वाला लोकप्रिय कॉस्टयूम देना था। इसलिए उन्होंने इस बार जैकलीन के ड्रेस डिजाइनिंग के लिए मनीष मल्होत्रा से कहा था। वही दूसरी तरफ उन्होंने यह भी जैकलीन से कहा था कि हाथों वाला स्टेप जरूर हो। अहमद ने कहा कि उन्होंने इस गाने के लिए सरोज खान की ब्लेसिंग भी ली थी, जो कि इस गाने की ओरिजिनल कोरियोग्राफर थीं। अहमद ने यह भी कहा कि इस गाने के कोरियो के लिए गणेश आचार्या को उन्होंने ही कहा था। गणेश इसके ओरिजिनल सॉन्ग में भी थे। अहमद ने कहा कि उन्होंने सरोज खान को इसलिए नहीं कहा कि उन्हें लगा कि सरोज जी दिन भर सेट पर आतीं और फिर पूरे दिन में वह थक जातीं और अहमद उन्हें अपनी गुरु मानते हैं तो उनको सरोज को तकलीफ देने की इच्छा नहीं हुई थी। अहमद कहते हैं कि दर्शक आयटम नंबर देखना पसंद करते हैं और यही सच है। वरना कोई भी प्रोड्यूसर किसी एक गाने पर इतना बजट बेवजह लगाने को तैयार नहीं हुआ करते।

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