9 अगस्त भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर होगा जनांदोलन

स्वामी अग्निवेश के साथ की गयी हिंसा के खिलाफ एकजुट होने का आव्हान .9 अगस्त भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर होगा जनांदोलन
छिंदवाड़ा -समाजवादी चिंतक और बंधुआ मज़दूरों की आवाज़ दुनिया भर में पहुंचाने वाले स्वामी अग्निवेश जी पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के सदस्यों द्वारा झारखण्ड मे की गयी मारपीट एवं हिंसा के खिलाफ हिन्द मज़दूर किसान पंचायत .एवं .सीटू , के आव्हान पर सामान विचारधारा वाले समस्त जनसंगठनों ,मज़दूर संगठनों ,प्रगतिशील नागरिको ,बुद्धिजीवियों,पत्रकारों एकमत से यह तय किया की किसी भी प्रकार की हिंसा का लोकतंत्र मे स्थान नहीं हे 21 जुलाई 2018 को बी एस एन एल एम्पलॉईस यूनियन कार्यालय छिंदवाड़ा मे प्रतिरोध संवाद मे उपस्थित समान विचार धारा वाले जनसंगठनों ने अपने अपने विचार रखे इस अवसर पर हिन्द मज़दूर किसान पंचायत के महासचिव डी.के.प्रजापति ने कहा की इस संवाद का मकसद देश मे लोकतंत्र,संवैधानिक अधिकारों,अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर फासीवादी सरकारके द्वारा लगातार किये जा रहे हमलो पर अंकुश लगाना हे जो लोग इस तरह की हरकतों से समाज मे भय पैदा कर सामाजिक जागृति को रोकना चाहते हैं।और उनकी हिंसा के निशाने पर जो प्रगतिशील लोग हैं।उनको सुरक्षा मुहैया कराना देश की मौजूदा सरकार का कर्तव्य हे ताकि सरकार की विश्वश्नीयता कायम रह सके स्वामी अग्निवेश पर भाजपाई गुंडों द्वारा किया गया हमला फासीवाद का विकृत रूप है जिसका देश की सभी प्रगतिशील ताकतों को पूरी ताकत के साथ विरोध करना चाहिए।यह घटना शर्मनाक व कायराना है।इसकी जितनी निंदा की जाय वह कम है।मनुवाद के पोषक लोगो को मनुवादी विचारो पर बहस कत्तई स्वीकार नही है तभी तो कभी स्वामी अग्निवेश तो कभी कलबुर्गी,पनसारे,गौरी लंकेश या दाभोलकर इनके निशाने पर होते हैं यह घटना लोकतंत्र,संवैधानिक अधिकारों,अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है सीटू वे.को.लीउपाध्यक्ष कामरेड पी.के.मूर्ति ने कहा की यह घटना आज़ाद भारत की ऐसी घटना हे जिसने यह दिखाने की कोशिश की हे की देश मे फासीवादी सरकारलोगो की आवाज़ को कुचलना चाहती हे इस तरह की हरकतों से कुछ लोग समाज मे भय पैदा कर सामाजिक जागृति को रोकना चाहते हैं। कामरेड धन्नालाल यादव ने कहा की भीड़ की हिंसा को उकसाकर इसके बाद हिंसक और हिंसा पीड़ित समुदाय की संवेदनाओं से खिलवाड़ कर अपनी राजनीतिक स्वार्थसिद्धि करने वाले राजनीतिक दलों को भी दण्डित किया जाना चाहिए। बैठक मे स्वामी अग्निवेश के साथ की गयी हिंसा के खिलाफ एकजुट होने का आव्हान कर यह तय किया गया की 9 अगस्त भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर सरकार की जनविरोधी नीतियों ,मोबलिंचिंग,बेरोजगारी ,दलित ,अल्पसंख्यक उत्पीड़न ,सामाजिक कार्यकर्ताओ पत्रकारों लेखकों ,बुद्धिजीविओ के खिलाफ लगातार की जा रही हिंसा ,फर्जी मुक़दमे और हत्याओं महिलाओ,नाबालिक बच्चीओ के साथ लगातार हो रहे बलात्कार के बेरोजगारी .जल जंगल जमीन बचाने एवं अन्याय खिलाफ जनांदोलन का आव्हान कर सरकार को चेताया जावे की देश मे प्रगतिशील लोगो बुद्धिजीविओ ,पत्रकारों ,समाजसेवियों ,अल्पसंख्यको ,दलितों आदिवासियों एवं सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने वालो का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जावेगा प्रतिरोध संवाद मे पत्रकार वासुदेव शर्मा ,राकेश प्रजापति ,सतीश नागवंशी ,कॉमरेड महेश सोनी ,कामरेड सलिलशुक्ला ,आम आदमी पार्टी के रमेश समर ,कामरेड नितिन साहनी , कामरेड समीर ,जनसंघर्ष मोर्चा के टी.ए.सब्ज्वारी ,बी एस एन एल एम्पलाइस यूनियन के बी एस दवंडे ,जग्गा भाई ,रामनारायण सराठे सहित सामान विचार धारा वाले जनसंगठनों के साथी उपस्थित थे

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