अब हर छै माह में आयोजित होंगे NEET परीक्षा , UGC NET के एग्जॉम

 एचआरडी मंत्री प्रकाश जावडेकर ने IIT JEE, NEET(UG), UGC-NET, CMAT और GPAT प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के लेकर बड़ा ऐलान किया है.जावडेकर ने कहा कि इन परीक्षाओं के आयोजन के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का निर्माण किया जाएगा. साथ ही ये परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने आज प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर बड़ा ऐलान किया है. जावडेकर ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के लिए एक नई बॉडी बनाने का फैसला किया है. जिसका नाम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी है. ये संस्था साल में दो बारआईआईटी-जेईई, यूजीसी नेट और नीट की परीक्षाएं आयोजित कराएगी.

NTA की घोषणा करते हुए शिक्षा मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षा आईआईटी जेईई मेन और एनईईटी ऑनलाइन 2019 से साल में दो बार आयोजित की जाएंगी. जावडेकर ने आज नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की. जावड़ेकर के अनुसार संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मुख्य और राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) नवगठित परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित की जाएगी. नीट और जेईई मेन के अलावा, NTA अब से यूजीसी नेट और CMT परीक्षा भी आयोजित करेगी. जावड़ेकर ने कहा कि ये प्रतियोगी परीक्षा कई तिथियों पर आयोजित की जाएगी. जेईई मुख्य परीक्षा जनवरी और अप्रैल में आयोजित की जाएगी जबकि नीट फरवरी और मई में दो बार आयोजित की जाएगी.

ज्ञात हो कि बजट घोषणा 2017-18 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 नवंबर, 2018 को आयोजित बैठक में एनटीए को उच्च शिक्षा संस्थानों (एचआईआई) के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए एक स्वायत्त और आत्मनिर्भर प्रमुख परीक्षण संगठन के रूप में बनाने की मंजूरी दे दी थी. ग्रामीण छात्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एनटीए उप-जिला / जिला स्तर के केंद्रों का पता लगाएगा जहां छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान कियाजाएगा.

संसाधन विकास मंत्रालय के अनुसार मंत्रालय द्वारा नियुक्त एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद एनटीए की अध्यक्षता करेगा. एनटीए के सीईओ सरकार द्वारा नियुक्त महानिदेशक होंगे और उपयोगकर्ता संस्थानों के सदस्यों सहित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स होंगे. कैबिनेट मीटिंग के फैसले के अनुसार एनटीए को भारत सरकार से पहले वर्ष में अपना ऑपरेशन शुरू करने के लिए 25 करोड़ रुपये का एक बार अनुदान दिया जाएगा. उसके बाद, यह वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होगा.

साभार : +नखबर टीम

Share News

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published.