वनों के विनाश के साथ साथ खनिज की लूट ….

इधर जंगल लुट रहा है और रेंजर के कानो में जूँ  तक नही रेंग रही है….

दक्षिण वन मण्डल के अंतर्गत लावाघोघरी रेंज में इन दिनों माफिया राज कायम है । दिन दहाड़े लोग जलाऊ लकड़ी के साथ साथ इमारती लकड़ी काट कर बैल गाडी से परिवहन कर रहे है ,गोविन्द बाड़ी , नारायण घाट , मोरघाट के जंगलो में  कई स्थानों पर सागौन के ठुठं  वन अधिकारोयो के निकम्मेपन की कहानी बयाँ कर रहे है ? 

सूत्रों के मुताबिक़ वन क्षेत्र के अंदर से खनिज सम्पदा की लूट मची हुई है  वन क्षेत्र से मुरम ,रेत, बोल्डर का परिवहन आम बात है , इन सब के पीछे  लक्ष्मी प्यारे की स्वर लहरिया गूंजती है ? तभी तो ये सब खेल ,खुले आम चल रहा है ! इधर जंगल लुट रहा है और रेंजर के कानो में जूँ  तक नही रेंग रही है , चंद पैसों के खातिर लकड़ी तस्कर भोले भाले किसान भाइयो एवं उनके बच्चो से लकड़ी कटवा कर अनजाने में अपराध की दुनिया में धकेल रहे है ,

वनों के विनाश की कहानी तो चर्चा का बिषय है ही साथ- साथ वन क्षेत्रों में खनिज का दोहन भी बदबस्तूर जारी है, जिससे यहां की स्थिति पर्यावरण प्रेमियों को चिंता में डाल रही है , इसी तरह यहां ऐसा ही सब चलता रहेगा तो इस पूरे क्षेत्र को रेगिस्थान में तब्दील होने से बचाना मुश्किल होगा ?
पिछले कुछ बरसो से यहां वनों के अंधाधुंध विनाश का परिणाम परिलक्षित होने लगा है यहां के तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है वहीं भू जलस्तर भी काफी नीचे चला गया है , यहां वन्य प्राणियों की उपस्थिति नगण्य होती जा रही है । पारिस्थितिक सन्तुलन के लिए वनों का होना जहां जरूरी है , वहीं बढ़ते तापमान से यहां मॉस्किटो का हमला बढ़ता जा रहा है , संक्रमक रोगों से पीड़ित लोगों की संख्या इस बात को प्रमाणित करती है ।
लावाघोघरी वन परिक्षेत्र अधिकारी की अनुपस्थिति और अनदेखी इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है , रेंजर की विवादस्पद कार्यप्रणाली से जहां क्षेत्र के लोग परेशान है वहीं जनप्रतिनिधियो में भी बड़ा आक्रोश व्याप्त है ।

मोहखेड़ जनपद अध्यक्ष के पति और वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता श्री विजय गावंडे बताते है कि रेंजर साहब क्षेत्र में ईद के चंद की तरह दिखाई देते है । इनकी कार्यप्रणाली से पूरे वन क्षेत्र में माफिया राज पनप रहा है , वन विभाग का निचला अमला भयग्रस्त रहता है और इसका खमियाजा भुगत रहा है । वन माफियो के बुलन्द हौसलो औऱ दादागिरी से क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है ।

वही पांढुर्णा के कांग्रेस विधायक जतन उइके का कहना है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में भी लावाघोघरी वन क्षेत्र का हिस्सा आता है परंतु यह सौ फीसदी सही बात है कि लावाघोघरी रेंजर क्षेत्र ने नदारत रहते है । इस वन क्षेत्र से वनों की अवैध कटाई ओर खनिज की लूट मची हुई है ।
मेरे द्वारा भी कई बार बोलने पर रेंजर पर कोई असर नही होता है और हमेशा बहाने बाजी की जाती है कि मैं शहर से बाहर भोपाल ,जबलपुर आदि आदि जगहों पर हूँ। रेंजर की अनुपस्थिति की शिकायत मेरे द्वारा पूर्व Dfo रविन्द्र मणि त्रिपाठी से की गई , बाबजूद इसके रेंजर की कार्य प्रणाली में कोई बदलाब देखने को नही मिला ।

Share News

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *