हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित..

Bjp विधायक नीलम मिश्रा ने मंत्री राजेंद्र सिंह पर आरोप लगाया कि मंत्री के संरक्षण में उनके पति अभय मिश्रा के खिलाफ पुलिस कर रही है….

मध्यप्रदेश विधानसभा का 5 दिनो तक चलने बाला मानसून सत्र भारी हंगामे के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। 5 दिनी ये सत्र महज 5 घंटे की कार्यवाही में सिमट गया। भारी हंगामे के चलते मानसून सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र में अनुपूरक बजट के अलावा जो 17 विधेयक पेश होना थे, वो भी बिना चर्चा के पारित कर दिए गए। भाजपा विधायक नीलम मिश्रा ने अपनी ही सरकार के मंत्री राजेंद्र शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाते हुए आसंदी के पास ही धरना दे दिया। इससे माहौल और गरमा गया और आखिरकार कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

भाजपा विधायक नीलम मिश्रा बैठी धरने पर :-  दूसरे दिन हंगामे के बीच सरकार की परेशानी इसलिए बढ़ गई कि भाजपा विधायक नीलम मिश्रा ने मंत्री राजेंद्र सिंह पर आरोप लगाया कि मंत्री के संरक्षण में उनके पति अभय मिश्रा के खिलाफ पुलिस कर रही है। दरअसल नीलम मिश्रा को सूचना मिली कि उनके पति अभय मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे नाराज नीलम मिश्रा आसंदी के पास जाकर धरने पर बैठ गई और रोने लगी। कांग्रेस विधायकों ने इस पर जमकर हंगामा मचाया और कांग्रेस की महिला विधायक भी नीलम मिश्रा के साथ बैठ गई। कुछ देर बाद संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा और गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह नीलम मिश्रा के पास पहुंचे और उनसे बात की। इसी दौरान हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिे स्थगित कर दिया गया। इसी बीच सूचना आई कि नीलम मिश्रा के पति को पुलिस ने छोड़ दिया है तब कहीं जाकर नीलम मानी।

इधर मंत्री राजेंद्र सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना देना ही नहीं है। उन्होंने कहा कि ये आदिवासियों से जुड़ा एक मामला है जिसमें पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया और कानूनी कार्रवाई नियम अनुसार ही की जा रही है।

आपातकाल को लेकर हुआ हंगामा :-  इससे पहले सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही भी हंगामे के साथ शुरू हुई। कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए ही विधानसभा में पहुंचे। सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी जारी रही। कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री निवास पर मीसाबंदियों के सम्मान समारोह का विरोध कर रहे थे। ये समारोह मंगलवार शाम को है। नारेबाजी और हंगामा देख विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतारमण शर्मा ने कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया। कांग्रेस विधायक इस बात से भी नाराज थे कि विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कोई व्यवस्था नहीं दी।

इससे पहले आपातकाल के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस विधायकों में जमकर बहस और विवाद हुआ। भाजपा ने आपातकाल को देश के इतिहास का सबसे काला दिन बताया। वहीं तानाशाह शब्द का प्रयोग किया गया। इस पर कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत आपत्ति लेते हुए आसंदी तक पहुंचे और उन्होंने तानाशाह और काला दिवस शब्दों को विलोपित कराया।

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