बुजुर्ग पेडॊं की होगी शिफ्टिंग…

 क्योंकि पेड़ पौधे आवाज नहीं उठा सकते और अचल होने के कारण बदला लेने के लिए आगे नहीं बढ़ सकते….
तकनीकी औद्योगिक समाज और वर्तमान बेपरवाह लोगो ने पर्यावरण संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर दी है इनमें से कई इतनी गंभीर है कि उन्होंने पृथ्वी पर जीव मात्र के अस्तित्व को ही खतरे में डाल दिया है पृथ्वी से अनेक जीव जंतु , वनस्पतियां विलुप्त हो गई है ,पारिस्थितिकीय सन्तुलन विगड़ गया है ! परन्तु समाज में आज भी ऐसे अनेक लोग है हो प्राक्रतिक संतुलन की दिशा में कार्य कर रहे है और बो हर सम्भब प्रयास करते  रहते है की इस बसुन्धरा के माथे  पर हरियाली की दुशाला ढकीं रहे !
प्रक्रति के प्रति प्रेम और अहिंसा परमो धर्म के मूल मन्त्र का अपने जीवन में प्रतिपालन करने बाले शहडोल सम्भाग के आयुक्त जे के जैन ने का मानना है की पेड़ पौधो में भी जान होती है वे भी सांस लेते और छोड़ते है,इस लिए इन पर अत्याचात ठीक नही ,और जीवो की तरह वे अपने उपर होने बाले अत्याचार का प्रतीकार इसलिए नही कर पाते ” क्योंकि पेड़ पौधे आवाज नहीं उठा सकते और अचल होने के कारण बदला लेने के लिए आगे नहीं बढ़ सकते” प्रक्रति प्रेम का अनुपम उदाहरण पेश करते हुए उन्होंने निर्णय किया की अमरकंटक तिराहे से तिपान पुल तक निर्माणाधीन सडक के आसपास लगे वर्षों पुराने पेडों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसे लेकर कमिश्नर श्री जे के जैन ने अधिकारियों को इस आशय के निर्देश जारी किये हैं।
प्रक्रति के प्रति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण के लिये कमिश्नर श्री जैन की पहल का चहुओर स्वागत् किया जा रहा है। भाजपा नेता व पूर्व जिला मीडिया प्रभारी मनोज द्विवेदी ने कमिश्नर श्री जैन की पेडों को शिफ्ट करने के आदेश को जिले के इतिहास मे  अद्वितीय बतलाते हुए पहल का स्वागत् किया है।
       ज्ञात हो की जिला मुख्यालय मे मार्ग निर्माण के दॊरान वर्षों पुराने पीपल,बरगद,आम व कुछ अन्य पेडों को बचाने के लिये  निलय त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार राजेश शिवहरे,श्रीमती शकुन्तला देवी ताम्रकार, वरिष्ठ पत्रकार राजेश शुक्ला,अजीत मिश्रा, अजय मिश्रा, मनोज शुक्ला सहित कुछ अन्य समाजसेवियों ने प्रशासन का ध्यानाकर्षण करते हुए मांग की थी कि पेडो को काटा न जाए बल्कि इन्हे सुरक्षित अन्य स्थानों पर शिफ्ट कर दिया जाए। यह मांग कमिश्नर श्री जे के जैन से की गयी तो उन्होंने इसे संज्ञान  लेते हुए विभाग के अधिकारियों को आबश्यक प्रबन्ध करने के निर्देश दिये।
 उम्मीद है की यह कार्य शीघ्र ही होगा और पुराने पेडों का आंकलन करके इन्हे सुरक्षित शिफ्ट किया जाएगा।कमिश्नर की इस पहल का समाज के प्रत्येक वर्ग ने मुक्त कंठ से स्वागत करते हुए आभार प्रकट किया है।
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