फर्जीवाड़े का मुख्य केंद्र , उपपंजीयक कार्यालय चौरई

अनुबंध की जगह रजिस्ट्री करने वालों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो -हिंद मजदूर किसान पंचायत
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के चौरई विकासखंड में स्थित उपपंजीयक कार्यालय फर्जीवाड़े का मुख्य केंद्र बन चुका है इस रजिस्ट्री ऑफिस में फर्जीवाड़े के कई मामले सामने आए हैं जिसमें उप पंजीयक कार्यालय के कर्मचारी सहित सर्विस प्रोवाइडर और क्रेता की मिलीभगत से राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई जा रही है और कई नागरिक धोखाधड़ी का शिकार होकर अदालतों के चक्कर काट रहे हैं हाल ही में चौरई रजिस्ट्री कार्यालय में एक महत्वपूर्ण मामला उजागर हुआ है जिसमें जुन्नारदेव निवासी संतोष दुबे और आशीष दुबे जिनकी चौरई विकासखंड के ग्राम पिपरिया लक्खा में खानदानी संपत्ति थी उसे अजीम खान खान नामक व्यक्ति ने खरीदने के लिए चौरई स्थित उपपंजीयक कार्यालय में जमीन के अनुबंध के लिए जो कागजात तैयार किए थे उपपंजीयक चौरई विजय पांडे और सर्विस प्रोवाइडर अशोक माहोरे ने फर्जीवाड़ा करते हुए अनुबंध की जगह रजिस्ट्री कर दी और यह इतने शातिराना तरीके से किया गया की जमीन का अनुबंध करने वाले विक्रेता को यह भनक भी नहीं लग पाई कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है क्योंकि जिस जमीन का 21 मई 2018 को अनुबंध संतोष दुबे द्वारा किया जाना था सर्विस प्रोवाइडर अशोक माहोरे ने विक्रेता के हस्ताक्षर अनुबंध मैं ले लिए यह अनुबंध पत्र 3 माह अवधि के लिए था परंतु उप पंजीयक कार्यालय में बिजली गुल हो जाने का बहाना करते हुए उसे धोखे में रखकर उस जमीन की रजिस्ट्री ही कर दी गई 2 करोड़ 25 लाख रुपए के सौदे वाली इस जमीन को धोखाधड़ी कर मात्र 25 लाख रुपए में निपटाने का काम उप पंजीयक कार्यालय के उप पंजीयक. सर्विस प्रोवाइडर और त्रेता ने कर डाला सवा दो करोड़ का सौदा 25 लाख रुपए में दर्शाकर बाकी रकम सर्विस प्रोवाइडर की मिलीभगत से किस्तों में देना भी दस्तावेजों में दर्ज कर दिया गया जब जमीन के विक्रेता संतोष दुबे ने जमीन के दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति निकलवाई तो उसके होश उड़ गए और उसने सागर जैन एन कुमार जैन अजीम खान अश्विन पटेल संदीप नारायणराव और सर्विस प्रोवाइडर अशोक माहोरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई इस प्रकरण में विक्रेता संतोष दुबे ने जिला पंजीयक श्री मेश्राम को भी शिकायत की जिसमें जिला पंजीयक मेश्राम ने कहा है कि प्रथम दृष्टया में मामला फर्जीवाड़े का सामने आ रहा है और जांच जारी कर दी गई है जो भी दोषी होगा उस पर कार्यवाही की जाएगी फर्जीवाड़ा करने वाले सागर जैन की ओर से या अधिकारिक बयान दिया गया है की रजिस्ट्री में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है विक्रेता ने पूरे होश हवास में रजिस्ट्री करवाई है पारिवारिक कारणों की वजह से यह मामला उलझ रहा है जबकि वास्तविकता कुछ और है विक्रेता संतोष दुबे खानदानी जमीन को विक्रय किए जाने का जो सौदा किया गया था वह 2 करोड़ 25 लाख रुपए लागत मूल्य का था परंतु चौरई उप पंजीयक कार्यालय में लंबे अरसे से सक्रिय व्यवस्थित संगठित गिरोह जोकि फर्जीवाड़ा में माहिर है उनके द्वारा षड्यंत्र पूर्वक व्यूह रचना रच कर अनुबंध की जगह रजिस्ट्री कर इस पूरे मामले को अंजाम दिया गया है हिंद मजदूर किसान पंचायत ने इस प्रकरण में यह मांग की है कि उप पंजीयक कार्यालय में जमीन के अनुबंध की जगह फर्जी तरीके से की गई रजिस्ट्री को तत्काल निरस्त कर दोषी उपपंजीयक सर्विस प्रोवाइडर और क्रेता के विरुद्ध तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज हो क्योंकि यह मामला राजस्व को क्षति पहुंचाने के साथ-साथ प्रथम दृष्टया में धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का है जिसमें जमीन विक्रेता को धोखे में रखकर जो षड्यंत्र रचा गया वह चौकाने वाला है हिंद मजदूर किसान पंचायत ने यह भी मांग की है कि क्रेता सागर जैन की संपत्तियों की जांच की जा कर उनके द्वारा खरीदी एवं विक्रय की गई जमीनों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और शासकीय दस्तावेजों में जो रिकॉर्ड वर्तमान स्थिति दर्ज है उसकी बारीकी से जांच की जाने पर चौंकाने वाले परिणाम सामने आएंगे क्योंकि चौरई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजस्व विभाग के तत्कालीन पटवारी जिसकी मृत्यु हो चुकी है के द्वारा शासकीय दस्तावेजों में हेराफेरी कर बड़ी मात्रा में भूमाफियाओं को लाभ पहुंचाने का काम किया गया है और जमीनों की खरीदी बिक्री में जिन प्रकरणों में रजिस्ट्री की गई है उसमें शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व की क्षति पहुंचाने का काम बहुत बड़े पैमाने पर किया गया है जिसकी जांच की जाना बहुत आवश्यक है साथ ही उप पंजीयक कार्यालय चौरई का रिकॉर्ड भी तत्काल सील किया जाना चाहिए ताकि दस्तावेजों में कोई फेरबदल इनके द्वारा न की जा सके !

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