मध्यान भोजन में निकले मरे चूहे , तीन बच्चे भर्ती

 आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के खाने में मरे हुए चूहे निकले।

सागर :- शहर से लगे ग्राम सेमराबाग के आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के खाने में मरे हुए चूहे निकले। अनजाने में कुछ बच्चों ने यह दूषित खिचड़ी खा ली। इनमें से तीन बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभिभावकों ने विरोध जताया तो प्रशासन हरकत में आया।

कलेक्टर ने भोजन बनाने वाले नवजागृति स्व सहायता समूह का ठेका निरस्त कर दिया है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका की सेवाएं समाप्त की हैं।

ग्राम सेमरबाग क्षेत्र के निजी भवन में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र में सोमवार को नवजागृति स्व सहायता समूह ने बच्चों को वितरित करने के लिए रोटी, सब्जी और खिचड़ी भेजी थी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कुसुम पाशी और सहायिका सविता बंसल ने भोजन बिना चेक किए ही बच्चों को बांट दिया।

दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जब यह खिचड़ी क्षेत्र के बच्चों को वितरित की गई तो पास में ही रहने वाली एक महिला लक्ष्मी शिल्पी खिचड़ी में चूहे का सिर निकलने की शिकायत करने यहां पहुंची। लक्ष्मी का कहना है कि उसकी नातिन दिशा और बहू कंचन ने यह खिचड़ी खाई है, जिसमें बाल और कुछ मांस के टुकड़े निकले। इसके बाद केंद्र में पहुंचकर जब खिचड़ी देखी गई तो उसमें भी चूहे के मरे हुए बच्चे दिख रहे थे।

चार चूहे निकलने की शिकायत :- महिला की शिकायत के बाद जब आंगनवाड़ी केंद्र में खिचड़ी की जांच की गई तो उसमें भी चूहे दिख रहे थे। इनमें एक चूहा तो थोड़ा बड़ा था, लेकिन तीन चूहों के सिर व शरीर के अन्य हिस्से दिख रहे थे। इस दौरान अन्य ग्रामीणों ने भी खिचड़ी में बाल और चूहे के सिर निकलने की शिकायत की। लोग खिचड़ी लेकर तत्काल आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचे और विरोध जताने लगे।

तीन बच्चों को भर्ती कराया :- विरोध को देखते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने तुरंत पार्षद अशोक पटैल को घटना की जानकारी दी। पार्षद ने लोगों को समझाया और दो से तीन साल की उम्र की बच्ची दिशा, संध्या लारिया और अंशिका पाशी को अपनी कार से जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू किया है। बाद में अधिकारी भी बच्चों को देखने पहुंचे।

ठेका निरस्त कर सेवाएं समाप्त कर दीं :- सेमराबाग की आंगनवाड़ी के खाने में चूहे निकलने के मामले में नवजागृति स्व सहायता समूह का ठेका निरस्त कर दिया है। इस मामले में लापरवाही बरतने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

– आलोक कुमार सिंह, कलेक्टर सागर

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