प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा….

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा….

🔸240 बच्चों के भविष्य के साथ एनजीओ संगठन का खिलवाड़….

🔸मौका जांच करने के बाद SDM की जब्ती की बड़ी कार्रवाई….

🔸प्रशासन की इस कार्रवाई में मिले कई चौंकाने वाले तथ्य, योजनाओं के नाम पर प्रदेश में बड़े गिरोह के सक्रिय होने का अनुमान….

    रिपोर्ट✍तरुण बत्रा जुन्नारदेव.

♦जुन्नारदेव….
विकासखंड मुख्यालय से सिर्फ 3 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत खापास्वामी में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर एक एनजीओ संस्था के द्वारा किया जा रहा फर्जीवाड़ा का आज खुलासा हो ही गया. जब स्थानीय SDM रोशन राय के द्वारा इस NGO के मुख्य कार्यालय में पहुंच कर दबिश दी गई, तब एनजीओ के द्वारा क्षेत्र के लगभग 240 बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किए 

जाने का बड़ा मामला का पर्दाफाश हो गया। प्रशासन के द्वारा यहां पर सख्तीपूर्ण कार्रवाई करते हुए कई दस्तावेजों सहित उपकरणों को जप्त कर लिया गया है। अब इस प्रकरण को प्रशासन के द्वारा लगातार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जावेगी।इस संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत खापास्वामी की स्वयं सामाजिक कल्याण एवं विकास नामक एक एनजीओ संस्था के द्वारा बीते लगभग 6 माह से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत नर्सिंग ट्रेनिंग के डिप्लोमा डिग्री के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। संस्था के द्वारा लगभग 240 बच्चों को नर्सिंग ट्रेनिंग के नाम पर दिए जा रहे प्रशिक्षण की 6 माह की अवधि पूर्ण होने के बाद जब डिग्री/डिप्लोमा के ना दिए जाने के बाद इस मामले कि कलई खुल गई. जब यहां अध्ययनरत 240 छात्र छात्राओं ने एकसाथ एसडीएम कार्यालय और आरक्षी ग्रह में पहुंचकर इस संभावित फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत नर्सिंग ट्रेनिंग के इस फर्जीवाड़े और एनजीओ की अनियमितता की इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए एसडीएम रोशन राय अपने राजस्व अमले तहसीलदार किरण बड़बड़े, नायब तहसीलदार दिनेश उइके, डॉ आर आर सिंह सहित पटवारियों के संयुक्त दल को साथ लेकर इस NGO के मुख्य कार्यालय पर जांच हेतु जा पहुंचे। प्रशासन के इस अमले को देख एनजीओ की संचालिका अर्चना अरुण माहोरे के होश फाख्ता उड़ गए। SDM रोशन राय के द्वारा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत चलाई जा रही इस नर्सिंग ट्रेनिंग के संदर्भ में चाहे गए दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक अनुमति के प्रपत्रों को NGO की संचालिका देने में असमर्थ रही। तब इस पूरे फर्जीवाड़ा का स्वतः ही खुलासा हो गया। गौरतलब है कि स्वयं सामाजिक कल्याण एवं विकास संगठन के द्वारा यहां अध्ययनरत 240 बच्चों से फीस की राशि लिए जाने, ड्रेस तथा छात्रवृत्ति देने के नाम पर कथित लापरवाही व नियत समय में नर्सिंग ट्रेनिंग की डिग्री या डिप्लोमा देने में आनाकानी जैसी कई अनियमितताओं के संदर्भ में SDM रोशन राय के द्वारा तत्काल कार्यवाही की गई। यहां पर अनाधिकृत रूप से पाए गए मेडिकल उपकरणों और आपत्तिजनक दस्तावेजों को भी सील कर दिया गया है। इस प्रकरण के संदर्भ में डॉक्टर सिंह का यह साफ कहना है कि केंद्र सरकार की इस योजना में किसी भी रुप से नर्सिंग ट्रेनिंग दिए जाने का प्रावधान ही नहीं है । इस संदर्भ में जांच दल को संचालिका के द्वारा किसी भी प्रकार की अनुमति से जुड़े दस्तावेज नहीं दिखाए गए हैं। SDM रोशन राय का यह कहना है कि इस संदर्भ में इस प्रारंभिक कार्यवाही किए जाने के बाद मामला जिला कलेक्टर कार्यालय को उचित कार्यवाही हेतु अग्रेषित किया जा रहा है। जिलाधीश कार्यालय से प्राप्त निर्देशानुसार इस मामले में अग्रिम कार्रवाई भी की जाएगी।

🔸आलीशान भवन की वैधता पर भी खड़े हुए सवाल….
इस कोयला अंचल में बीते 13 वर्षों से चल रहा स्वयं सामाजिक कल्याण एवं विकास नामक इस NGO के आलीशान भवन के स्वामित्व और उसके दस्तावेजों की भी छानबीन इस जांच दल द्वारा की गई। संचालिका के द्वारा इस संदर्भ में किसी भी प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने पर SDM रोशन राय के द्वारा तहसीलदार किरण बड़बड़े को भवन से जुड़े भूमि स्वामित्व और उसकी अनुमति की जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

🔸प्रमं कौशल विकास योजना के नाम पर प्रदेश के बड़े गिरोह का हो सकता है खुलासा….
नर्सिंग ट्रेनिंग के फर्जीवाड़ा प्रकरण की जांच करने पहुंचे SDM रोशन राय का यह मानना है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के धन आवंटन के इस मामले के तार सीधी जि

ले से जुड़े होने के संकेत मिल रहे हैं। इस प्रकरण की पूर्ण जांच के उपरांत संभव है इस बात का बड़ा खुलासा हो सकता है कि इस योजना अंतर्गत धन आवंटन कर उसके गोलमाल करने के लिए एक बड़ा गिरोह छिंदवाड़ा, भोपाल से दिल्ली के बीच कार्यशील हो। हालांकि इस मामले की जांच प्रशासन के द्वारा बेहद पारदर्शिता पूर्ण तरीके से करने के संकेत एसडीएम के द्वारा दिए गए।

🔸परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलर हैं NGO की संचालिका….
स्वयम सामाजिक कल्याण एवं विकास संगठन नामक इस एनजीओ की संचालिका अर्चना अरुण माहौरे स्थानीय थाने के परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलर भी है। यही कारण है कि बीते कई माह से शिकायत के लिए इच्छुक इन 240 बच्चों के दिमाग में यह भय भी पैदा किया गया था की संचालिका की पहुंच उच्च स्तर तक है। हालांकि अब एसडीएम और तहसीलदार के द्वारा इस मामले का संज्ञान ले लिए जाने के बाद इन बच्चों में निष्पक्ष जांच होने की संभावनाओं से खुशी है।

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