कर्नाटक में चल रही सरकार बनाने की जोड़तोड़ के बीच बीजेपी द्ववारा कांग्रेस और जेडीएस विधायकों को 100 करोड़ रुपये पेशकर करने के आरोप लगे हैं. इसमें देश भर में चुनावी सर्वे करने वाली एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफोर्म ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें ये बात साफ पता चलती है कि कर्नाटक के इन चुनावों में पैसों का खुलकर इस्तेमाल हुआ है. और आगे भी होगा. जिसका कारण एडीआर की रिपोर्ट बताती है विधायकों का लगातार अमीर और अमीर होते जाना. जिसके चलते इन चुनावों में एक विधायक को कथित तौर पर सौ करोड़ रुपये की पेशकश की गई है.

कर्नाटक में नव निर्वाचित 222 विधायकों में से 221 विधायकों के शपत्र पत्रों का विश्लेषण करने के बाद एडीआर ने अपनी रिपोर्ट जारी है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्नाटक में प्रति विधायक की औसत संपत्ति पिछले 10 साल में तीन गुणा बढ़ गई है. इस बार निर्वाचित हुए सभी विधायक करोड़पति हैं जिसमें कांग्रेस के 99 प्रतिशत, बीजेपी के 98 प्रतिशत और जेडीएक के 95 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं.

एडीआर की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस पार्टी के विधायकों में ज्यादातर 100 करोड़ के क्लब में शामिल हैं. कांग्रेस के 78 विधायकों में से 14 प्रतिशत (11) विधायकों ने सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है जबकि जेडीएस के 37 विधायकों में से 08 प्रतिशत (3) विधायकों ने सौ करोड़ की संपत्ति घोषित की है. इस मामले में भाजपा के 103 विधायकों में से सिर्फ एक विधायक हैं जिनकी संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक है.