नलगोंडा :- आपने ऐसे बहुत से लोगों को देखा होगा जिनको अक्सर खतरों का खिलाड़ी कहा जाता है. जिसमें वो ऐसे काम करते हैं कि लोग दांतो तले अंगुली दबा लेते हैं. लेकिन क्या आपने कभी किसी बैंक को खतरों से खेलते देखा है. अगर नहीं देखा या सुना तो हम बताने जा रहे हैं आंध्र प्रदेश के ग्रामीण बैंक के अधिकारियों के बारे में जिन्होंने अपने खतरे भरे प्रयोग से लाखों लोगों की जमापूंजी को दांव पर लगा दिया था.

मामला आंध्र प्रदेश के ग्रामीण विकास बैंक का है (एपीजीवीबी) का है जहां बैंक अधिकारियों ने अपने खतरों से भरे प्रयोग से लाखों लोगों के खून पसीने की कमाई को दांव पर लगा दिया था. जहां अधिकारियों ने 40 करोड़ रुपये की करंसी के ताजा नोटों को बंडलों में पैक किया. फिर एक किराए का ट्रक लेकर उस उस खुले ट्रक पर सारी करंसी को लादा और नलगोंडा शहर की भीड़भाड़ भरी सड़कों से होते हुए एपीजीवीबी ब्रांच में करंसी को पहुंचाया!

जानकारी के मुताबिक रायथु बंधु योजना की लॉन्चिंग दौरान एसबीआई के क्लॉक टावर सेंटर स्थित एसपी रोड मेन ब्रांच से बड़ी मात्रा में कैश अन्य शाखाओं में ट्रांसफर होना था. इस कैश को बांटने के लिए जिले के पांच बैंकों को चुना गया था. सामान्य तौर पर बैंक जब कैश को एक जगह से दूसरी जगह पर ट्रांसफर करते हैं तो उसे पूरी तरह से बंद वैन में बाकायदा पूरी सुरक्षा के साथ लेकर जाते हैं. चूंकि एपीजीवीबी के पास कोई वैन नहीं थी, इसलिए उन्होंने 3 कॉन्स्टेबलों के साथ एक खुले ट्रक में कैश ले जाने का फैसला किया.

बैंक अधिकारियों द्वारा उठाए गए इस खतरनाक कदम के लिए लोगों ने अधिकारियों की काफी आलोचना की है लेकिन बैंक अधिकारियों का कहना है कि समय कम था और वो कैश बांटने में देरी नहीं करना चाहते थे जिसके चलते उन्होंने खुले ट्रक में 40 करोड़ की करंसी को ले जाने का फैसला किया था.