हरियाणा :-  हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि नमाज सार्वजनिक स्थानों पर नहीं बल्कि मस्जिद या ईदगाह में पढ़ी जानी चाहिए. मुख्यमंत्री ने उस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है जिसमें सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पढ़ रहे लोगों को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने भगा दिया था. उन्होंने कानून और व्यवस्था पर बात करते हुए कहा कि गुरुग्राम में लोग कहीं भी नमाज पढ़ने लगते हैं. उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है. खुले में नमाज पढ़ने के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं. नमाज सार्वजनिक स्थानों के बजाए मस्जिद या ईदगाह में पढ़ी जानी चाहिए.

गौरतलब है कि गुरुग्राम में सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पढ़ रहे लोगों को वहां से भगाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. बाद में कई अन्य जगहों पर ऐसी घटनाएं सामने आईं. पुलिस ने एक हिंदू संगठन के कुछ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार भी किया था. तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ऐसी जगहों पर पुलिस तैनात कर दी है.हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति के बैनर तले विरोध प्रदर्शन भी हुए थे. विरोध करने वाले लोगों को कहना था कि जिन 6 युवाओं के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं, वे सरकारी जमीन पर नमाज पढ़े जाने का विरोध कर रहे थे. यही नहीं उनका यह भी पक्ष था कि सरकारी जमीनों पर कब्जे की रणनीति के तहत वहां नमाज पढ़ी जा रही है.

खट्टर ने कहा कि जब तक किसी व्यक्ति को आपत्ति न हो सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पढ़ने पर कोई आपत्ति नहीं, लेकिन जब किसी की शिकायत आए तो ऐसा नहीं करने दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि सोमवार को वो इजरायल और ब्रिटेन के दौरे पर जा रहे है. इसी कारण से उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी. लेकिन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में नमाज का मुद्दा हावी रहा.