मुख्यमंत्री से मिला सिर्फ आश्वासन ….

अनेको बार मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के बाद सिर्फ मिला आश्वासन ,सिंगोड़ी से 22 किलोमीटर के सफर करने के बाद पहुंचना पड़ता है कॉलेज  तौफीक मिस्कीनी संवाददाता
छिदवाडा :-जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत सिंगोडी मे विगत कई वर्षों से लगातार ग्राम के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं के द्वारा कई बार प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान से अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के सिंगोड़ी नगर में कॉलेज खुलवाने की मांग को लेकर सैकड़ों बार ज्ञापन सौंपा।किन्तु हर समय आश्वासन के शिवाय आज तक कुछ नहीं मिला।

जिले मुख्यालय से 22 कि.मी की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत सिंगोड़ी है जो कि हर सुविधाओं से वंचित रहता है। हालांकि जिले के अमरवाड़ा जनपद की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है।साथ ही चारो दिशाओ का एक मात्र केंद्रविन्दु है और आसपास के छौटे छौटे 42 गांव सिंगोड़ी नगर पर निर्भर है।हायर सेकेंडरी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद छात्र छात्राओ को छिंदवाड़ा या अमरवाड़ा जाना पड़ता है।खासकर ग्रामीण क्षेत्रो के बच्चों को बाहर कॉलेज की शिक्षा के लिये असुरक्षा सहित अनेक प्रकार की परेसनियो से जूझना पड़ता है।अगर रोजगार की बात करे तो बस यहां के लोग खेती किसानी पर ही ज्यादा निर्भर हैं।शिक्षा के क्षेत्र के हिसाब से संकुल केंद्र होने के कारण लगभग हजारों छात्र छात्राओं को ग्राम से लगभग 49 किलोमीटर की दूरी का सफर तय करके छिंदवाड़ा या फिर अमरवाड़ा के कॉलेज में उच्च शिक्षा का अध्ययन करने आना जाना पड़ता है।हालांकि सबसे ज्यादा आसपास क्षेत्र के छात्र छात्राओं को बाहर जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।और कुछ छात्रा छात्राएं अपनी पढ़ाई 12 वी तक ही पढ़कर अपनी पढ़ाई को समाप्त कर लेते हैं। क्योंकि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए उनके पास ना ही पैसा होता है और ना ही उनके पास आने जाने का किराया होता है । इसी कारण आस पास के हजारो छात्र-छात्राएं अपने परिवार की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अपना अध्यापन कार्य को बंद कर देते है।साथ ही सिंगोड़ी नगर जिले में अपनी एक अनूठी छाप रखने के साथ 35 से 40 ग्राम पंचायतों का प्रतिनिधित्व करता है।इतने ग्राम के नागरिक और विद्यार्थी अपनी छोटी बड़ी आवश्यकता के लिए सिंगोडी पर ही निर्भर है इतना बड़ा केंद्र बिंदु होने के बावजूद भी आज ग्राम सहित आसपास के हजारों विद्यार्थियों हायर सेकेंडरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण प्रतिदिन किराया लगाकर छिंदवाड़ा अमरवाड़ा कॉलेज जाने में असमर्थ है तो फिर इसके आसपास के ग्रामों के विद्यार्थी केसे इन शहरों में जाकर किराए लगाकर पढ़ाई कर सकते हैं इसी कारण क्षेत्र में अत्यधिक मात्रा में शिक्षा का क्षेत्रफल घटता जा रहा है।जिससे सरकार कि मंशा पर पानी फिरते हुए नजर आ रहा है । और ज्यादातर लोग कम शिक्षा प्राप्त कर ही घर बैठ जा रहे है । यदि यहां कॉलेज खुलता है तो सैकड़ों छात्र छात्राओं का भविष्य निर्माण बन सकता है पिछले कई वर्षों से छात्र नेता चाहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का हो या फिर कांग्रेस का सभी बस एक ही मांग कर रहे है कि सिंगोड़ी नगर पर एक कॉलेज की स्वीकृति मिल जाये और बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए भटकना न पड़े।और जिससे उनका भविष्य संवर जाये।लेकिन दोनों ही दल के नेताओं की आवाज पहुंचने से पहले ही उनकी आवाज को दबा दिया जा रहा है जिस कारण यहां कॉलेज नहीं खुल पा रहा है छिदवाडा और अमरवाडा कॉलेज जाने के लिये सिंगोडी सहित आसपास के ग्रामीण बच्चे बहुत मजबूर हूं।यहां के निवासी हर अधिकारी व नेता को जिंदगी की दुहाई देते हैं और यह मांग करते हैं कि हम नगरवासियो को कॉलेज एवं खेल का मैदान दिया जाये।लेकिन राजधानी भोपाल में बैठे नेताओं के नजरों में गांव होने के कारण कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।अगर ध्यान दिया जाता तो शायद यहां कॉलेज की स्थापना विगत कई सालो पहले ही हो जाती और यहां के छात्र छात्राओं को छिंदवाड़ा या अमरवाड़ा जाना नहीं पड़ता। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने समस्याओं को देखते हुए जनप्रतिनिधि व जिला कलेक्टर और प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि जल्द से जल्द कॉलेज की स्थापना की स्वीकृति दिलाकर ग्रामीण बच्चों को शुविधा प्रदान कर सके।और प्रदेश के मुख्यमंत्री की योजना का लाभ ग्रामीणों को मिल सके।छात्रों को अपना अधिकार मिल सके इन सभी परिस्थितियों को देखा जाए तो इस क्षेत्र के अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपने अभिभावको के साथ मजदूरी के अन्य कार्यों में अपनी सहभागिता देते हैं इन्हीं सभी परिस्थितियों को देखा जाए तो सिंगोड़ी में कॉलेज की स्थापना बहुत जरूरी हो गई है यदि कॉलेज खुलता है तो सिंगोड़ी सहित आसपास क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए यह वरदान सिद्ध होगा।और छात्र छात्राओ को सुरक्षा सहित कई प्रकार की परिस्थितियो से बच सकेंगे।और छात्र भविष्य का नवनिर्माण होगा।
पूर्ब ब्लाक संयोजक आदित्य पटेल सिंगोडी ने कहा की अगर हमारी मांग मे कार्रवाई नही की गई तो हम जल्द ही उग्र आदोंलन करेगो इस जाबदारी स्वयं प्रशासन की होगी
अंकित जैन नेता का कहना है की छात्र छात्राओं को कालेंज जाने के लिए सिंगोडी से छिदवाडा 18 कि.मी दूर जाना पडता हैं अगर सिंगोडी में कॉलेज खुलता है तो हजारों छात्र छात्राओं का भविष्य बन जाएगा।

ब्लॉक अध्यक्ष सुमित विश्वास अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बताया कि नगर के आसपास गांव के छात्र-छात्राएं कॉलेज 25 से 30 किलोमीटर में है प्रतिदिन कॉलेज नही जा सकती।यदि सिंगोडी में ही कॉलेज खुल जाए तो गाँव छात्र-छात्राएं सिगोडी में कर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकती

 

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