रसिको के लिए यह समय किसी अकाल से कम नहीं ….

फसल का लागत मूल्य भी निकलना हुआ मुश्किल , ओलावृष्टि बारिश और रेत खनन के कारण खरबूजे की फसल बर्बाद
सौसर :- अपने मीठे, रस भरे और सूखे कंठ को तर्र कर देने के लिए प्रसिद्ध कन्हान नदी से पैदा होने बाले खरबूजे ! इस बार क्षेत्र में ही सिमट कर गए है , इसके स्वाद के रसिको के लिए यह समय किसी अकाल से  कम नहीं है ! कारण – खरबूजों की अनुप्लब्धता ? इसके अनेकानेक कारणों से यंहा के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भली भाति परिचित है ! परन्तु खनिज माफियो का डर आखिर इन्हे भी तो सताता है ? बच्चो के अनाथ होने की कल्पना मात्र से ही इनकी आत्मा सिहर उठती है ? परन्तु इन्हे इन सब से क्या ? कोई मरे या जिए ? इस क्षेत्र की आबादी का एक बड़ा हिस्सा कन्हान नदी की रेत -पानी में अपना खून पसीना , मेहनत और तकदीर सब झोंक कर अपनी और अपने बच्चो के पेट की तपिस शांत करने के लिए इसके तट पर मनो दिन रात तांत्रिक प्रक्रिया कर कन्हान नदी की रेत से मनोकामना फल प्राप्त कर बर्ष भर जीवित रहता है ! परन्तु कुछ बर्षो से जीवन दायनी नदी के इस तट पर खनिज माफ़ियो  ने कब्जा कर ममतामयी जीवनदायनी कन्हान नदी के बक्षस्थल के भीमकाय मशीनो से खोद खोद कर छलनी कर दिया है परिणाम अभी तो यहाँ की जनता भुगत रही है परन्तु इसके दूरगामी परिणाम पूरी मानव जाति  को भुगतना पड़ेगा ? कन्हान  ही नहीं पूरे प्रदेश भर की नदियों की यही  दशा कर दी है खनिज माफियाओ ने ?

संतरांचल क्षेत्र के बीच से बहने वाली कन्हान नदी में ढिमर समुदाय के लोगो द्वारा सालो से गर्मी के मौसम में खरबूजे की फसल बोकर खरबूजे का उत्पदान किया जाता है लेकिन इस वर्ष बेमौसम ओलावृष्टि , बारिश एव रेत खनन माफिया के कारण खरबूजे की फसल बर्बाद होगें ! जिस कारण इस बार बोई फसलों का लागत मूल्य निकलन भी मुश्किल हो गए है ! एक और जहाँ सौसर को संतराचल क्षेत्र के नाम से पहचाना जाता है वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र में खरबूजे की भी फसल भारी मात्रा में निकलती है लेकिन इस बार खरबूजे की फसल कम मात्रा में निकली जिससे क्षेत्र के बाहर खरबूजे नहीं गए मात्र इस बार केवल शहर तक ही सीमित रह गए

दुबारा करनी पड़ी बोनी :- क्षेत्र में इस वर्ष ढीमर समुदाय के लोगों को खरबूजे की फसल दोबारा बोनी पड़ी किसान मनोहर भोयर ने बताया कि फरवरी-मार्च में भारी ओलावृष्टि बारिश होने के कारण पहली फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई जिस कारण इस वर्ष दोबारा फसल बोनी करनी पड़ी वही निकली दुसरी फसल में भी लागत निकलना मुश्किल हो गया है इस वर्ष भारी नुकसान में र रहा है ऐसे में अभी आर्थिक तंगी जूझ रहे हैं वही अभी तक फसल समाप्त होने पर आती थी लेकिन अभी तू निकल रही है ऐसे में प्रशासन को सर्वे कर हमें मुआवजा दिलाना चाहिए

रेत खनन से घटा उत्पादन और जलस्तर :- रेत खनन माफिया द्वारा कन्हान नदी से रात- दिन रेत का बैखौफ रेत खनन के कारण इन दिनों नदी का जलस्तर और खरबूजों का उत्पादन बेतहास घाट गया है जिसका परिणाम आये दिनों नदी किनारे के खेतो एवं गांव में पानी की हाहाकार मची हुई है इसमें लोग बून्द बून्द पानी के लिए महोताज है और  क्षेत्र के जन प्रतिनिधि और जिला प्रशासन को ध्यान देना चाहिए ? जिस कारण लोगों को नियमित रूप से पानी मिल सके साथ खरबूजे की फसल अधिक बढ़ किसानों को लाभ मिले !

सौसर से भूषण लाकडे व् राकेश प्रजापति की रिपोर्ट

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