चिंतन, संस्कृति व कला की धाराएं मप्र से प्रवाहित होती हैं

राष्ट्रपति : देश में चिंतन, संस्कृति व कला की धाराएं मप्र से प्रवाहित होती हैं

सागर :- देश में चिंतन, संस्कृति व कला की धाराएं मप्र से ही प्रवाहित होती हैं इसलिए मप्र को देश का ह्रदय माना जाता है। मप्र के नाम पहला आधुनिक विश्वविद्यालय होने का गौरव भी प्राप्त है। यह बात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने डॉ. हरीसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय के 27वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कही। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यह एक व्यक्ति की पूंजी से बना अनोखा विश्वविद्यालय है। शिक्षा को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार प्रयास चलते रहना चाहिए। इस संबंध में अगले सप्ताह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सभी केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिमंडल की एक बैठक भी लेंगे।

कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि राज्य के सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने का मुझे अवसर मिला। त्याग और तपस्या से डॉ. गौर ने इसे तैयार किया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान  ने कहा कि जब कई देशों का इतिहास नहीं था, तब हमारे यहां  नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालय थे। ज्ञानार्जन कर इसका प्रयोग हमें देश और समाज के विकास के लिए करना है।

सीएम ने कहा कि अब बारहवीं में 70 प्रतिशत अंक लाने वाले विद्यार्थियों की फीस सरकार भरेगी और मजदूरों के बेटा-बेटियों की पहली से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी।

कार्यक्रम में एमएचआरडी के केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सतपाल सिंह ने कहा कि देश के प्रत्येक विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह अब प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग के केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, दमोह सांसद प्रहलाद पटेल, भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी, विधायक शैलेन्द्र जैन, महापौर अभय दरे, विवि के कुलाधिपति प्रो. बलवंत शांतिलाल जानी, कुलपति प्रो. आरपी तिवारी और कुलसचिव कैप्टन विवेक दुबे सहित कई विद्यार्थी व शहर के लोग मौजूद थे।

राष्ट्रपति ने इन्हें प्रदान की डिग्री :- डॉ. हरीसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय के 53 एकेडमिक प्रोग्राम की 11 स्कूल ऑफ स्ट्डीज में यूजी-पीजी में टॉप करने वाले *11 विद्यार्थियों* को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और अन्य अतिथियों ने डिग्रियां प्रदान कीं। इनमें संघप्रिया तिवारी, शालू दुबे, शिवा शुक्ला, प्रेक्षा पाठक, प्रिया श्रीवास्तव, पलक श्रीवास्तव, रजनीश त्रिपाठी, आकर्षा तिवारी, साक्षी मिश्रा, किरण विश्वकर्मा और आयुषी चंदेरिया शामिल थे।

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