आसाराम को उम्र कैद , शिल्पी और शरद को 20-20 साल की सजा

शिल्पी और शरद को 20-20 साल की सजा सुनायी गयी है, दोष सिद्ध शिल्पी छिन्दवाड़ा के आश्रम की अधीक्षिका और शरद छिन्दवाड़ा का प्रमुख सेवादार था।  नाबालिग रेप मामले में आसाराम को आजीवन कारावास,एक लाख का जुर्माना

जोधपुर :- आसाराम को उम्रकैद की सजा सुना दी गयी है। जज मधुसूदन शर्मा ने आसाराम को उम्र कैद की सजा सुनायी है। वहीं शिल्पी और शरद को 20-20 साल की सजा सुनायी गयी है। इससे पहले पॉस्को एक्ट समेत चौदह धाराओं के आरोप में साढ़े चार साल से जेल में विरुद्ध आसाराम समेत तीन को कोर्ट ने दोषी ठहराया गया था। सजा सुनते ही आसाराम कोर्ट रूम में फूट-फूटकर रोने लगा। आसाराम को पहले ही बलात्कार का दोषी करार दे दिया गया था।  जबकि शिल्पी और शरद को बलात्तार के मामले में साजिश रचने का दोषी पाया गया है। जोधपुर कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा ने इस मामले में तीन लोगों को दोषी करार देने के बाद कुछ देर के लिए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। कुछ देर बाद फिर से सजा पर बहस शुरू हुई। आसाराम की तरफ से 14 वकीलों ने पैरवी की, और उम्र का हवाला देते हुए कम से कम सजा देने की मांग की। वहीं दूसरी तरफ दो सरकारी वकील आज आसाराम के उन 14 वकीलों पर भारी पड़े और कड़ी से कड़ी सजा की मांग की। सहयोगी और दोष सिद्ध शिल्पी छिन्दवाड़ा के आश्रम की अधीक्षिका थी, जबकि शरद छिन्दवाड़ा का प्रमुख सेवादार था। पीड़िता को ये दोनों ही जोधपुर लेकर लाए थे। आरोप है कि पंद्रह अगस्त 2013 को पीड़िता को ओरल सेक्स के लिए दबाव बनाया गया, जिसे पीड़िता ने इंकार किया और उसके साथ शारीरिक छेड़छाड़ हुई।

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