पूर्णिया के रुपौली प्रखंड की रहने वाली नूरजहां खातून नाम की महिला की मौत के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हैं. इस घटना के बाद लोगों ने बैंक के बाहर हंगामा किया और नूरजहां खातून के शव को लेकर रुपौली-कुर्सेला मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. मामला गुरूवार का है. नूरजहां खातून का बेटा मोहम्मद शब्बू अपनी मां के साथ सेंट्रल बैंक पहुंचा.

नूरजहां की तबियत ज्यादा खराब होने के चलते शब्बू मां को बाहर ही बैठा कर बैंक मैनेजर से मिलने गया. वहां बैंक अधिकारियों ने पैसे ना होने की बात कहकर मना कर दिया. शब्बू ने मां के बीमार होने का हवाला दिया तो बैंक अधिकारियों का दिल कुछ पसीजा. बैंक कर्मियों ने बाहर आकर उसकी मां को देखा तब जाकर पांच हजार रुपये उसे दिये. जबकि, वह 17 हजार रुपये निकालने के लिए बैंक गया था.

ज्ञात हो कि पिछले कई दिनों से कई राज्यों के एटीएम खाली पड़े हैं. यह समस्या अब विकराल होती जा रही है. हालांकि, केंद्र सरकार का दावा है कि पैसे जल्द ही एटीएम में डाले जाएंगे लेकिन कई दिन बाद भी समस्या जस की तस है. इस घटना ने नोटबंदी के हालात ताजा कर दिए हैं. नोटबंदी के समय कई लोगों की पैसे ना मिल पाने की वजह से मौत हो गई थी. हालांकि बैंक मैनेजर ने पैसे की वजह से महिला की मौत की बात को गलत बताया

साभार :- इनखबर टीम