आंदोलन का 106 वा दिन , अब शिवराज से उम्मीद ….

राजधानी भोपाल का अतिथिविद्वानों का शाहजहानीनपार्क का आंदोलन लगातार 106 वें दिन भी जारी है। हालांकि आज पूरा राष्ट्र कोरोना संक्रमण की दहशत में है, किन्तु ये अतिथिविद्वानों की जीवटता एवं नियमितीकरण के संघर्ष के प्रति उनकी प्रतिबद्धता है जो इस विकट स्थिति में भी वे अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर धरना आंदोलन जारी रखे हुए हैं। अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजक डॉ देवराज सिंह के अनुसार नियमितीकरण हेतु ये हमारा अंतिम संघर्ष है। हमारे कई साथियों के बलिदान के बाद यह आंदोलन आज 106 वें दिन भी लगातार जारी है। हम किसी भी स्थिति में नियमितीकरण लिए बिना यह आंदोलन समाप्त नही कर सकते। किन्तु हमें जनस्वास्थ्य की भी चिंता है। एक उच्च शिक्षित एवं ज़िम्मेदार नागरिक के समान हम भी सरकार द्वारा समय समय पर जारी सभी दिशा निर्देशों का भली प्रकार पालन करते हुए भी अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं। साफ सफाई, सोशल डिस्टेनसिंग जैसे सरकार द्वारा बताए उपाय का हम अनुसरण कर रहे है। साथियों की संख्या काम की गई है, जिससे अधिकतम सुरक्षा हो सके।
कांग्रेस से मिले केवल आश्वासन, अब शिवराज से नियमितीकरण की उम्मीद
अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजक डॉ सुरजीत भदौरिया के अनुसार 15 माह के शासन काल मे कांग्रेस पार्टी ने हमें केवल आश्वासन दिए। जबकि वचनपत्र का एक महत्वपूर्ण बिंदु अतिथिविद्वान नियमितीकरण का था। जबकि इसी मुद्दे पर कांग्रेस सरकार की बिदाई मध्यप्रदेश के सत्ता सिहांसन से हुई है। नई सरकार से हमें पूर्ण आशा है कि अपने अधूरे छोड़े हुए अतिथिविद्वान नियमितीकरण के कार्य को भाजपा सरकार अवश्य पूरा करेगी
भाजपा अतिथिविद्वानों के संघर्ष की गवाह :- अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रभारी डॉ आशीष पांडेय के अनुसार 15 माह का कांग्रेसी शासनकाल अतिथिविद्वानों के संघर्ष का समय रहा है। हमने इन दौरान छिन्दवाड़ा से लेकर भोपाल तक अपनी लड़ाई लड़ी है। भाजपा के अग्रिम पंक्ति के नेता हमारे संघरह के गवाह रहे हैं। इएलिये उन्होंने विधानसभा में भी अतिथिविद्वानों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। अब जबकि वो सत्ता में है हमें आशा है की वे हमारी नियमितीकरण की मांग अवश्य सुनेंगे…

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